Sit With Sai
श्री साईं सच्चरित्र · अध्याय 25
TL;DRपच्चीसवाँ अध्याय एक ही भक्त का अनुसरण करता है — अहमदनगर के (बाद में पुणे के) दामोदर सावलाराम रेसने कासार, जिन्हें दामू अन्ना कहा जाता है — और उनके जीवन में बाबा के तीन ठोस हस्तक्षेपों को दर्ज करता है: दो सट्टा-प्रस्ताव अस्वीकृत किए गये (बम्

अध्याय 25 — अहमदनगर के दामू अन्ना कासार: सट्टा-व्यवसाय और आम्र-लीला

स्रोत: श्री साईं सच्चरित्र, अनुवादक: न. वि. गुणाजी
मराठी मूल: सच्चरित (archive.org स्कैन) · भक्त-बयान: नरसिंह स्वामी 1936 (Internet Archive) · पूर्ण ग्रन्थ-सूची: /hi/sources.html

मूल पाठ: https://www.saibaba.org/satcharitra/sai25.html

अनुभाग

दामू अन्ना — परिचय

अहमदनगर के (बाद में पुणे के) दामोदर सावलाराम रेसने कासार, जिन्हें दामू अन्ना कहा जाता है, लगभग 1895 में शिरडी आये — रामनवमी उत्सव का संस्थापक वर्ष (देखें अध्याय 6)। उस वर्ष से प्रति वर्ष वे उत्सव के लिए एक सजाया हुआ ध्वज प्रदान करते हैं, और दीन-दुर्बल तथा आगे आने वाले फ़कीरों को भोजन कराते हैं।

सट्टा 1 — बम्बई में कपास

एक बम्बई-मित्र (दामू अन्ना के 1936 के बयान में आगे चलकर ब्रोकर बताया गया, साझेदार नहीं) ने पत्र लिखा कि एक कपास-सट्टे में लगभग 2 लाख रुपये का लाभ "बिना किसी जोखिम के" हो सकता है। दामू अन्ना दुविधा में पड़े और शामा को शिरडी विस्तृत पत्र लिखकर बाबा का परामर्श माँगा।

जब शामा वह पत्र लेकर मस्जिद आये, बाबा ने पूछा कि यह काग़ज़ क्या है। पढ़े जाने से पूर्व ही बाबा बोले:

"What does he write, and what does he plan? It seems that he wants to catch the sky and that he is not content with what God has given him; read his letter."

(हिन्दी अर्थ: "वह क्या लिखता है, और क्या योजना बना रहा है? लगता है आकाश पकड़ना चाहता है — और ईश्वर ने जो दिया उसी में संतोष नहीं। उसका पत्र पढ़ो।")

शामा ने आपत्ति की: यदि बाबा सामग्री पहले से जानते हैं, तो मुझसे क्यों पढ़वाते हैं? बाबा: "मैं तो ऐसे ही बोलता हूँ — कौन मानता है।" शामा ने तब पढ़ा; बाबा ने ध्यान से सुना और कहा:

"The Shet (Damu Anna) has gone mad; write to him in reply that nothing is wanting in his house. Let him be content with the half loaf he has now and let him not bother himself about lacs."

(हिन्दी अर्थ: "शेठ (दामू अन्ना) पागल हो गया है; उसे उत्तर में लिखो कि उसके घर में किसी वस्तु की कमी नहीं है। अभी जो आधा रोटा है उसी में संतोष करे — और लाखों की चिन्ता न करे।")

शामा ने अपने उत्तर में जोड़ा कि सुनने और देखने में सदा अन्तर रहता है, और दामू अन्ना स्वयं आ जायें। दामू अन्ना शिरडी पहुँचे। वे बाबा के पैर दबाते बैठे — खुले शब्दों में पूछने का साहस न हुआ, और मन ही मन सोचने लगे कि यदि बाबा सौदे का समर्थन करें, तो लाभ का एक भाग बाबा को अर्पित करेंगे। बाबा ने उनका मन पढ़ लिया और खुले शब्दों में बोले:

"Bapu, I do not want to be entangled in any such worldly things."

(हिन्दी अर्थ: "बापू, मैं किसी ऐसे सांसारिक कर्म में फँसना नहीं चाहता।")

दामू अन्ना ने कपास का उपक्रम त्याग दिया।

सट्टा 2 — अनाज-व्यापार

दामू अन्ना ने अगला विचार किया अनाज, चावल और गेहूँ में व्यापार करने का। बाबा ने कहा:

"You will be buying at five seers and selling at seven seers a rupee."

(हिन्दी अर्थ: "तुम पाँच सेर रुपये में ख़रीदोगे और सात सेर रुपये में बेचोगे।")

अर्थात् महँगा ख़रीदकर सस्ता बेचेंगे — सुनिश्चित हानि। दामू अन्ना ने अनाज-व्यवसाय छोड़ दिया। प्रथम कुछ समय भाव स्थिर रहे, और बाबा का वचन भ्रामक प्रतीत हुआ; परन्तु एक-दो मास में सर्वत्र हुई अधिक वर्षा से भाव गिर गये। जिन्होंने अनाज जमा किया था, उन्हें भारी हानि उठानी पड़ी। ब्रोकर ने जो कपास-सट्टा दूसरे व्यापारी के साथ किया, वह भी डूब गया। दामू अन्ना दोनों बार बच गये।

आम्र-लीला — आम-चमत्कार

गोवा से मामलतदार रेले ने लगभग 300 अच्छे आमों का एक पार्सल बाबा को सम्बोधित कर शामा के नाम भेजा। खोलने पर सब 300 अच्छी अवस्था में थे; बाबा ने उनमें से चार अपनी कोलम्बा (पात्र) में रख दिए, कहते हुए:

"These four fruits are for Damu Anna, let them lie there."

(हिन्दी अर्थ: "ये चार फल दामू अन्ना के हैं — वहीं पड़े रहने दो।")

दामू अन्ना की दो पत्नियाँ थीं (उनके स्वयं के 1936 के बयान ने "तीन" को संशोधित कर दो किया), और सन्तान नहीं थी। ज्योतिषियों ने — और स्वयं उनके ज्योतिष-अध्ययन ने — उनकी कुण्डली में एक पापी (अशुभ) ग्रह पाया था, और इस जन्म में सन्तान न होने की भविष्यवाणी की थी। उनकी बाबा में गहरी श्रद्धा थी।

पार्सल पहुँचने के दो घंटे बाद जब वे मस्जिद आये, बाबा बोले:

"Though other people are looking for the mangoes, they are Dammya's. He whose they are, should 'eat and die'."

(हिन्दी अर्थ: "यद्यपि अन्य लोग आम ढूँढ रहे हैं, ये दम्या (दामू) के हैं। जिसके ये हैं, वही 'खाये और मरे'।")

दामू अन्ना स्तब्ध हो गये। म्हाळसापति ने व्याख्या की: यहाँ "मृत्यु" का अर्थ है — गुरुचरणों में अहंकार की मृत्यु — एक आशीर्वाद। दामू अन्ना ने फल स्वीकार करने की अनुमति दी। बाबा ने तब कहा:

"Do not eat yourself, but give them to your junior wife. This Amra-Leela (mango miracle of 4 mangoes) will give her four sons and four daughters."

(हिन्दी अर्थ: "स्वयं मत खाओ, अपनी छोटी पत्नी को दे दो। यह आम्र-लीला (चार आमों की लीला) उसे चार पुत्र और चार पुत्रियाँ देगी।")

ऐसा ही किया गया। समय पर बाबा का वचन सत्य हुआ — ज्योतिषियों का नहीं।

बाबा का मरणोपरान्त-वचन

हेमाडपंत महासमाधि के पश्चात बाबा की निरन्तर उपस्थिति का वचन सम्मिलित करते हैं:

"Believe Me, though I pass away, My bones in My tomb will give you hope and confidence. Not only Myself but My tomb would be speaking, moving and communicating with those who would surrender themselves whole-heartedly to Me. Do not be anxious that I would be absent from you. You will hear My bones speaking and discussing your welfare. But remember Me always, believe in Me heart and soul and then you will be most benefited."

(हिन्दी अर्थ: "विश्वास करो — यद्यपि मैं देह त्याग दूँगा, मेरी समाधि की हड्डियाँ तुम्हें आशा और आत्म-विश्वास देंगी। केवल मैं ही नहीं — मेरी समाधि भी बोलेगी, गति करेगी, और उनसे संवाद करेगी जो सच्चे मन से मुझे समर्पित होंगे। यह चिन्ता मत करना कि मैं तुमसे दूर हूँ। तुम मेरी हड्डियों को बोलते और तुम्हारे कल्याण की चर्चा करते सुनोगे। परन्तु मुझे सदा स्मरण रखो, हृदय-प्राण से मुझ पर विश्वास रखो — तभी तुम सर्वाधिक लाभान्वित होगे।")

हेमाडपंत की समापन-प्रार्थना

"Oh Sai Sad-guru, the wish-fulfilling tree of the Bhaktas, let us never forget and lose sight of Your Feet… now free us from this cycle of births and deaths. Restrain us from the outgoing of our senses to their objects and introvert us and bring us face to face with the Atma (Self)… Make us ever remember Your name and forget all other things. Remove the restlessness of our mind, and make it steady and calm."

(हिन्दी अर्थ: "हे साईं सद्गुरु, भक्तों के कल्पवृक्ष! हम कभी आपके चरणों को विस्मृत न करें, उनकी दृष्टि न खोयें… अब हमें इस जन्म-मरण-चक्र से मुक्त कीजिए। हमारी इन्द्रियों को विषयों की ओर बहिर्मुख होने से रोकें, अन्तर्मुख करें, और आत्मा से साक्षात्कार कराइए… हमें आपका नाम सदा स्मरण कराइए और अन्य सब विस्मृत हो जाये। हमारे चित्त की चंचलता दूर कीजिए, उसे स्थिर और शान्त कीजिए।")

पाद-टिप्पणी — दामू अन्ना के 1936 के बयान से

एक पाद-टिप्पणी दामू अन्ना द्वारा बाबा से किए दो गुप्त प्रश्न संरक्षित करती है; बाबा ने दोनों के मौखिक उत्तर दिए:

प्रश्न 1: क्या साईं बाबा के पास उमड़ने वाले सब लोग उनसे लाभ पाते हैं?

"Look at the mango tree in blossom. If all the flowers brought fruit, what a splendid crop it would be. But do they? Most fall off (either as flowers or as unripe fruits) by wind etc. Very few remain."

(हिन्दी अर्थ: "मंजरी से लदे आम के वृक्ष को देखो। यदि सब मंजरियाँ फल बन जातीं, कितनी सम्पन्न फसल होती। परन्तु क्या ऐसा होता है? अधिकांश पवन आदि से (या तो मंजरी रूप में अथवा कच्चे फल के रूप में) झड़ जाती हैं। बहुत कम शेष रहती हैं।")

प्रश्न 2: यदि बाबा देह त्याग दें — तब मेरी क्या स्थिति होगी?

"I will be with you when and wherever you think of Me."

(हिन्दी अर्थ: "जब-जब और जहाँ-जहाँ तुम मेरा स्मरण करोगे, मैं तुम्हारे साथ रहूँगा।")

दामू अन्ना की 1936 की टिप्पणी: "उन्होंने यह वचन 1918 से पहले निभाया, और 1918 के बाद भी निभाते आ रहे हैं। वे अब भी मेरे साथ हैं। वे अब भी मेरा मार्ग-दर्शन कर रहे हैं।"

वे यह भी टिप्पणी करते हैं कि अपनी बहन के निधन के पश्चात बाबा ने उन्हें उपदेश और अप्पा कुलकर्णी के घर पूरण-पोली के भोज से ढाँढ़स बँधाया, और चन्दन-लेप किया; और जब उनके तीस-वर्ष पुराने एक मित्र ने उनकी पत्नी के आभूषण-पेटी (जिसमें सौभाग्य-सूचक नथ भी थी) चुरा ली, दामू अन्ना बाबा के चित्र के सम्मुख रोये — अगले दिन वह व्यक्ति पेटी लौटाकर क्षमा माँगने आया।

इस अध्याय में दर्ज साईं बाबा के शब्दशः वचन

  1. (शामा से, पत्र खोले जाने से पूर्व) "What does he write, and what does he plan? It seems that he wants to catch the sky and that he is not content with what God has given him; read his letter."

(हिन्दी अर्थ: "वह क्या लिखता है, क्या योजना बना रहा है? लगता है आकाश पकड़ना चाहता है। उसका पत्र पढ़ो।")

  1. (शामा से, पत्र पढ़े जाने के पश्चात) "The Shet has gone mad; write to him in reply that nothing is wanting in his house. Let him be content with the half loaf he has now and let him not bother himself about lacs."

(हिन्दी अर्थ: "शेठ पागल हो गया है; उत्तर में लिखो कि उसके घर में कुछ कमी नहीं है। अभी जो आधा रोटा है उसी में संतोष करे — और लाखों की चिन्ता न करे।")

  1. (दामू अन्ना के लाभ-अंश के मन-ही-मन के प्रस्ताव पर) "Bapu, I do not want to be entangled in any such worldly things."

(हिन्दी अर्थ: "बापू, मैं किसी ऐसे सांसारिक कर्म में फँसना नहीं चाहता।")

  1. (अनाज-व्यापार पर) "You will be buying at five seers and selling at seven seers a rupee."

(हिन्दी अर्थ: "तुम पाँच सेर रुपये में ख़रीदोगे और सात सेर रुपये में बेचोगे।")

  1. (चार आम अलग रखते हुए) "These four fruits are for Damu Anna, let them lie there."

(हिन्दी अर्थ: "ये चार फल दामू अन्ना के हैं — वहीं पड़े रहने दो।")

  1. (दामू अन्ना को चार आम देते हुए) "Though other people are looking for the mangoes, they are Dammya's. He whose they are, should 'eat and die'."

(हिन्दी अर्थ: "यद्यपि अन्य लोग आम ढूँढ रहे हैं, ये दम्या के हैं। जिसके ये हैं, वही 'खाये और मरे'।")

  1. (छोटी पत्नी को देने का निर्देश) "Do not eat yourself, but give them to your junior wife. This Amra-Leela will give her four sons and four daughters."

(हिन्दी अर्थ: "स्वयं मत खाओ, अपनी छोटी पत्नी को दे दो। यह आम्र-लीला उसे चार पुत्र और चार पुत्रियाँ देगी।")

  1. (मरणोपरान्त-वचन) "Believe Me, though I pass away, My bones in My tomb will give you hope and confidence… You will hear My bones speaking and discussing your welfare."

(हिन्दी अर्थ: "विश्वास करो — यद्यपि मैं देह त्याग दूँगा, मेरी समाधि की हड्डियाँ तुम्हें आशा और आत्म-विश्वास देंगी… तुम मेरी हड्डियों को बोलते और तुम्हारे कल्याण की चर्चा करते सुनोगे।")

  1. (दामू अन्ना के आम-मंजरी प्रश्न पर) "Look at the mango tree in blossom. If all the flowers brought fruit, what a splendid crop it would be. But do they? Most fall off by wind etc. Very few remain."

(हिन्दी अर्थ: "मंजरी से लदे आम के वृक्ष को देखो। यदि सब मंजरियाँ फल बन जातीं, कितनी सम्पन्न फसल होती। परन्तु क्या ऐसा होता है? अधिकांश पवन आदि से झड़ जाती हैं। बहुत कम शेष रहती हैं।")

  1. (निरन्तर उपस्थिति का वचन) "I will be with you when and wherever you think of Me."

(हिन्दी अर्थ: "जब-जब और जहाँ-जहाँ तुम मेरा स्मरण करोगे, मैं तुम्हारे साथ रहूँगा।")

स्रोत: श्री साईं सच्चरित्र, गोविन्द रघुनाथ डाभोलकर (हेमाडपंत), 1929। अंग्रेज़ी अनुवाद: न. वि. गुणाजी।
मूल अध्याय: saibaba.org · अंग्रेज़ी संस्करण: English version
यह पृष्ठ हेमाडपंत की मूल कथा का स्रोत-सम्मत हिन्दी रूपान्तरण है — कोई कथन बाबा के शब्दों के रूप में नहीं जोड़ा गया है। हर बाबा-वचन के साथ मूल अंग्रेज़ी पाठ भी संलग्न है।
सम्पादक: सिट विद् साईं सम्पादकीय · सम्पादकीय सिद्धान्त ·