परिचय — Sit With Sai
यह स्थल श्री साईं बाबा शिरडी (लगभग 1838 – 15 अक्टूबर 1918) की प्रलेखित जीवनी और शिक्षाओं का एक संदर्भ-स्रोत है। प्रत्येक कथन का स्रोत — किसी एक अध्याय, बयान, अथवा पत्रिका-लेख तक — स्पष्ट है।
सम्पादकीय सिद्धान्त
- कोई अनुमान नहीं। बाबा के मुख से निकला हर शब्द हेमाडपंत के 1929 के मूल सच्चरित्र अथवा बी. वी. नरसिंह स्वामी के 1936 के हस्ताक्षरित बयानों से उद्धृत है। यदि किसी प्रसंग का स्रोत संदिग्ध है, उसे शामिल नहीं किया गया।
- बाबा-वचन मूल पाठ में। बाबा के शब्दशः वचन गुणाजी के अंग्रेज़ी अनुवाद के मूल पाठ में दिए गये हैं — कोष्ठक में हिन्दी अर्थ है। इस प्रकार गहन भक्तिमय पाठ अनुवाद के विकृति-जोखिम से सुरक्षित है।
- तिथियाँ निश्चित। जहाँ तिथि प्रलेखित है, उसका स्रोत दिया गया है (उदाहरण: 5 जुलाई 1926 — काकासाहेब दीक्षित का देहान्त, *साईं लीला* खंड 12)।
- दृष्टिकोण-निरपेक्ष। साईं बाबा हिन्दू थे या मुसलमान — सच्चरित्र इस प्रश्न को खुला छोड़ता है, और यह स्थल भी।
स्रोत
- श्री साईं सच्चरित्र — गोविन्द रघुनाथ डाभोलकर ("हेमाडपंत"), 1929 (मूल मराठी)। न. वि. गुणाजी द्वारा अंग्रेज़ी अनुवाद, 1944, श्री साईं बाबा संस्थान, शिरडी।
- Devotees' Experiences of Sri Sai Baba — बी. वी. नरसिंह स्वामी, तीन खण्ड, 1940 के दशक। 1936 में लिए गये भक्तों के हस्ताक्षरित बयान।
- Shri Sai Leela पत्रिका — श्री साईं बाबा संस्थान की अधिकृत पत्रिका, 1923 से। काकासाहेब दीक्षित और बी. वी. देव के मूल लेख यहीं से उद्धृत।
- दादासाहेब खापर्डे की डायरी — 1910-12 की प्रत्यक्ष-गवाही, *साईं लीला* खंड 1 में प्रकाशित।
लाइसेंस
मूल पाठ-स्रोत सार्वजनिक डोमेन (पब्लिक डोमेन) में हैं। इस स्थल पर हिन्दी रूपान्तरण और सम्पादकीय व्याख्या Creative Commons BY-NC-SA 4.0 के अन्तर्गत है — अर्थात् गैर-व्यावसायिक प्रयोग के लिए मुक्त, उद्धरण-सहित।
सम्पर्क
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