Sit With Sai
भाग 2 · पृष्ठ 178

रामचन्द्र वामन मोडक

नासिक के सरकारी अधिकारी; नारायण मोतीराम जानी के पूर्व-स्वामी (अध्याय 33)

संदर्भ

नासिक के नारायण मोतीराम जानी (अध्याय 33 के अगरबत्ती-भस्म-बिच्छू-निवारण के मुख्य पात्र) पहले मोडक की नौकरी में थे। बाबा ने जानी की माता से कहा था कि उसका पुत्र सेवा छोड़कर अपना व्यवसाय आरम्भ करे — जिससे 'आनन्दाश्रम' भोजनालय फला-फूला।

1936 के बयान के विषय में

मोडक का 1936 बयान पृष्ठ 178 पर। 1908-15 के नासिक भक्त-समूह का दृष्टिकोण।

सम्बन्धित अध्याय

अध्याय 33
स्रोत: बी. वी. नरसिंह स्वामी, Devotees' Experiences of Sri Sai Baba, 1940 के दशक, श्री साईं बाबा संस्थान, शिरडी।
1936 में लिए गये हस्ताक्षरित बयानों पर आधारित।
अंग्रेज़ी संस्करण: English source page
सम्पादक: सिट विद् साईं सम्पादकीय · सम्पादकीय सिद्धान्त ·